दीपावली और लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 03 नवम्बर 2013 रविवार

 

diwali puja muhurat

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दीपावलीऔरलक्ष्मीपूजन मुहूर्त 03 नवम्बर 2013 रविवार

इस वर्ष  दिनांक 03 नवम्बर 2013 रविवार को अमावास्या तिथि प्रदोष व्यापिनी  तथा निशीथ  व्यापनी  है . अतः  इस दिन ही लक्ष्मी पूजन होगा . लक्ष्मी पूजन प्रदोष युक्त अमावस्या को प्रदोष काल , स्थिर लग्न  व् स्थिर नवांश  में किया जाता है। चोघडिया मुहूर्त के अनुसार लाभ, अमृत और शुभ  के चोघडिये अच्छे माने  जाते है .

सभी  मुहूर्त भारत के मानक समय  अनुसार –

प्रदोष काल मुहूर्त

 

 

03 नवम्बर 2013  में प्रदोष काल शाम  17:45 से 20:06 तक का प्रदोष काल विशेष रूप से श्री गणेश, श्री महालक्ष्मी पूजन, कुबेर पूजन, व्यापारिक खातों का पूजन, दीपदान, अपने सेवकों को वस्तुएं दान करने के लिये शुभ रहेगा. प्रदोष काल मंदिर मे दीप दान, रंगोली और पूजा की पूर्ण तयारी कर लेनी चाहिए. इसी समय मे मिठाई वितरण कार्य भी संपन्न कर लेना चाहिए. द्वार प़र स्वस्तिक और शुभ लाभ का सिन्दूर से निर्माण भी इसी समय करना चाहिए.

दीपावली के दिन मा लक्ष्मी एवं गणेश की पूजा सुबह से लेकर देर रात तक की जा सकती है। लेकिन वेदशास्त्रों के अनुसार स्थिर लग्न में लक्ष्मी व गणेश की पूजा करना बेहद शुभ La intitulee South Park dispose de 5 rouleaux et 25 lignes de gains. माना गया है।

दीवाली पूजा गोधुलि बेला मुहूर्त 2013

गोधुलि बेला के लिए शुभ मुहूर्त 03 नवंबर 2013, रविवार पर है. इसलिए 18:30 से 20:37 के बीच प्रदोष काल भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी, कुबेर पूजा, व्यवसाय की पूजा और कार्यकर्ताओं को दान देने के लिए शुभ है.

 

इस मुहूर्त भी मिठाई, कपड़े और उपहार की सेवा के लिए शुभ है. यह भी बड़ों और उपहार देने और रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए सम्मान का आशीर्वाद लेने के लिए अच्छा है.आप इस शुभ मुहूर्त के दौरान आध्यात्मिक स्थानों या मंदिरों में दान करते हैं, तो यह आप के लिए अनुकूल हो जाएगा.

दीवाली पूजा मुहूर्त – निशीथ काल

यह पूजा और ब्राह्मणों के लिए देवी लक्ष्मी, सभी नौ ग्रहों, मंत्र सुनाना और स्तोत्र, अनुष्ठान, दान कपड़े, फल, अनाज और पैसे पूजा के लिए शुभ है. निशीथ काल के मुहूर्त 23:37 बजे शुरू होगा और पूरे भारत के लिए 1:56 बजे तक  है.

 

दीवाली पूजन मुहूर्त लिए महानिशीथ काल काल

महानिशीथ काल काल कर्क लग्न के लिए बहुत ही शुभ है. दीपावली महानिशीथ काल काल की रात के दौरान (कर्क लग्न) 22:49 से 1:01 के बीच पूरे भारत के लिए शुभ है.

स्थिर लग्न मुहूर्त

 

वृश्चिक लग्न की अवधि

प्रातः 07.28 से प्रातः  09.42 तक

कुंभ वृश्चिक लग्न की अवधि

मध्याह्न 01.38 से अपराह्न 3.16 तक

वृष लग्न की अवधि

अपराह्न 6.36 से लेकर रात्रि 8.37 तक

सिंह लग्न की अवधि

रात्रि 01.01 से लेकर 03.08 तक

पूजन सामग्री

मा लक्ष्मी व गणेश की प्रतिमा, माला, वस्त्र, प्रसाद, अक्षत, चंदन, सुपारी, पान, मौली, घी, कपूर, लौंग, इलायची, दीप, धूप आदि।

ऐसे करें महालक्ष्मी पूजन

महालक्ष्मी पूजन कैसे हो इसके लिए ऋग्वेद के श्रीसूक्त में विधान किया गया है। बीज मंत्र है ॐ स्त्रीं ह्रीं श्री कमले कमलालयी प्रसीदा-प्रसीदा महालक्ष्मी नमो नम:। मुख्यत: कमलगट्टा, धूप, दीप, नैवेद्य, ऋतुफल, खील-बताशे, पकवान, सुपारी, पान के पत्ते को महालक्ष्मी को अर्पित किया जाता है। साथ ही पानी वाला नारियल चढ़ाया जाता है।

चोघडिया  मुहूर्त

लाभ अमृत – सुबह 09 :00 AM से दोपहर 12:00 तक

 शुभ – दोपहर 01:30 PM से 03:00 PM तक

शुभ अमृत चल शाम 06:30 PM से  रात 10:30  तक

लाभ मध्यरात्रि बाद से सुबह 03:00 AM तक

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Category: Hindi

Created: Wednesday, October 16 2013
Author: Lokesh Jagirdar

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